आज हूँ दुखी..

आज हूँ दुखी.. कि अंधकार में रवि, पुकारता है दीप को, कि हाथ दे! आज हूँ दुखी.. कि आँच साँच पे लगी, और सत्य कहता मिथ्या से, कि साथ दे! आज हूँ दुखी.. कि कोई देखता नहीं, गला है ये,जमीं नहीं, न लात दे! आज हूँ दुखी.. कि इंसान ही उठा छड़ी, दे मारता है… Continue reading आज हूँ दुखी..

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The Cow-Eyed Girl

It is a beautiful night. Freezing. Beautiful. Glorious December night. The last December night. When I abandoned my blog at the blogger and started this one, I was very certain that I would not be posting another article about a girl. It was primarily because, I wasn't really good at it, even if my friends… Continue reading The Cow-Eyed Girl

दूर कहीं उस पार 

Jyoti

​जब दूर कहीं उस पार दरिया के

सपनो के महल संवर जाएंगे

इस पार इंतज़ार में

मेरी कश्ती बिखर जाएगी।
जब दूर कही उस पार अंधेरे में

जुगनू चमचमाएँगे

इस पार इंतज़ार में

मेरी आँखों की रोशनी पिघल जाएगी।
जब दूर कहीं उस पार आसमानों पर

खुशियाँ नज़र आएंगी

इस पार इंतज़ार में

मेरे पंख बिखर जाएंगे।
जब दूर कही उस पर सपने मेरे

हकीक़त होते नज़र आयेंगे

इस पार इंतज़ार में

मेरी आँखें खामोश हो जायेंगी।

– Jyoti Yadav

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कुछ इश़्क किया, कुछ काम किया- पीयूष मिश्रा. For people who think Hindi is Cliche.

A famous poem by very acclaimed and loved poet,composer actor and writer Piyush Mishra, carried forward in verses of the same flow.